शनिवार, 15 अक्टूबर 2016

बिहारी ही बिहार का करेंगे विकास


 Ankit k Verma(Author @ PatnaBeats)





बिहार का विकास बिहारियों के द्वारा ही हो सकता है। आपकी देखभाल अन्य कोई व्यक्ति नहीं कर सकता है क्योंकि उनमें से प्रत्येक के अपने हित हैं। यदि आप अपने हित की रक्षा नहीं करेंगे तो आपके बचाव के लिये कोई भी आगे नहीं आएगा। अतः बिहार को बिहारियों के द्वारा ही सहायता प्राप्त हो सकती हैं और उन्ही के द्वारा इसका विकास हो सकता है। बिहार के किसानों को अन्य किसानों की तुलना में कम मूल्य मिलते हैं क्योकि बिहार के किसानों की अपेक्षा बिचौलियों के पास उन्नत वैज्ञानिक तरीके उपलब्ध हैँ। हमें इसपर ध्यान देना चाहिए। हमें पारदर्शी बनना चाहिए। किसी भी प्रकार से केवल आलोचना ही करने के अवसर नहीं खोजने चाहिए। हमें सकरात्मक रवैया अपनाना चाहिये। प्रयास यह होना चाहिए की कुछ आच्छा हो। साथ ही यह देखना उचित होगा की निकट भविष्य में बिहार क्या प्रगति कर सकता है अथवा की क्षेत्रों पर अधिक ध्यान देने की आवश्यक्त है। बिहार में जो लोग ऊँचे ओहदों पर काम कर रहे हैं, जिनकी आवाज़ सुनी जाती है, अगर वे बिहार की सही तस्वीर पेश करेंगे तो बिहार एक शानदार भविष्य की तरफ अग्रसर होगा। बिहार की इस दशा के लिए हम सभी जिम्मेदार है। हर एक व्यक्ति अपनी जिम्मेदारी दूसरे पर थोप रहा है की साहब , हम तो ठीक हैं लेकिन नौकरशाही ही ठीक नहीं है। नौकरशाही कहती है की मैं तो ठीक ठाक से काम करना चाहती हूँ लेकिन राज्य सरकार की निति ठीक नहीं है। इसी तरह जो प्रबुद्ध जन हैं वे कहते हैं की हम क्या करे , अनपढ़ लोग सत्ता में चले जाते हैं। उसी तरह पत्रकार कहते है की जो घटनाये घटती हैं उसी को हम लिखते हैं। मेरा कहना यह है की जो व्यक्ति जिस क्षेत्र में लगा हुआ है, उसको अपनी जिम्मेदारी का बोध हो जाये, अपनी जिम्मेदारी दूसरे पे ना थोपे तभी बिहार का विकास हो सकता हैं।

कविता भक्ति की लिखूँ या श्रृंगार की | एक कविता बिहार से

भारत के राष्ट्रकवि होने का दर्ज़ा जिन्हें प्राप्त है, अर्थात् श्री रामधारी सिंह दिनकर जी का जन्मदिन 23 सितम्बर को है| 1908 ई० में जन्में श्री दिनकर को याद करते हुए पटनाबीट्स की एक कविता बिहार से में आज शामिल हो रही है उनकी लिखी एक बेहद दुर्लभ कविता|
जी हाँ! 1970-71 ई० में एक कॉलेज पत्रिका में छपी रामधारी सिंह दिनकर जी की ये कविता कॉलेज के छात्र-छात्राओं या शायद अगली पीढ़ी को ध्यान में रख कर लिखी गई होगी| यह कविता एक कवि का दर्द बयाँ करती है, साथ ही ये एक संदेश भी है उनकी तरफ से हम सबके लिए| तो पेश है आज की ‘एक कविता बिहार से’|

“हम रोमांटिक थे, हवा में महल बनाया करते थे,
चाँद के पास हमने नीड़ बसाया था,
मन बहलाने को हम उसमें आया-जाया करते थे|

लेकिन तुम हमसे ज्यादा होशियार होना,
कविता पढ़ने में समय मत खोना,
पढ़ना ही है तो बजट के आँकड़े पढ़ो,
वे ज्यादा सच्चे और ठोस होते हैं|

सांख्यिकी बढ़ती पर है,
दर्शन की शिखा मंद हुई जाती है,
हवा में बीज बोने वाले हँसी के पात्र हैं,
कवि और रहस्यवादी होने की राह बंद हुई जाती है|

कविता भक्ति की लिखूँ या श्रृंगार की,
सविता एक ही है, जो शब्दों में जलता है|”

शुक्रवार, 14 अक्टूबर 2016

Photos from the Sky | Bird’s Eye View of Patna by Saurav Anuraj


Patna: The honking chaos of the city, surrounded by bustling streets and crowded alleys teeming with people, hand-pulled carts and cycle/motorised rickshaws spewing exhaust, are common in the fast developing city of Patna. Its fascinating to see how every individual working for a better tomorrow is just an individual if is alone but forms the entire city when combined together. Kishanpur Baikunh presents a bird’s eye view of Patna from the lenses of PatnaBeats very own exquisite photographer, Saurav Anuraj.

गुरुवार, 6 अक्टूबर 2016

इन 9 लोगों ने साबित कर दिया कि सफलता अंग्रेज़ी की नहीं, आपकी प्रतिभा की मोहताज़


एक छोटे शहर में रह कर, सामान्य स्कूल से पढ़ने के बाद जब आगे की पढ़ाई या नौकरी के लिए किसी बड़े शहर पहुंचते हैं, तो दो चुनौतियां सामने आती हैं. एक उस शहर का लाइफ स्टाइल और दूसरी अंग्रेज़ी. पिछले कई सालों में लोगों में ये धारणा बनी हुई है कि अंग्रेज़ी मतलब तरक्की, कॉन्फिडेंस या टैलेंट. अंग्रेज़ी नहीं आती तो मतलब ना आपके पास कॉन्फिडेंस है, न ही आप टैलेंन्टेड हैं. मगर रुकिए: ये बताइए कि क्या बल्ले पर आने वाली बॉल आपकी इंग्लिश सुन कर बाउंड्री पार जाती है? या पेंटिंग करते वक्त रंग आपकी अंग्रेज़ी सुन कर कैनवस पर चढ़ते हैं? नहीं न! ये अंग्रेज़ी की प्रॉब्लम नहीं है, आपकी सोच की प्रॉब्लम है. विश्वास मानिए कोई भाषा आपकी हिम्मत से बड़ी नहीं होती, जो आपकी तरक्की के आड़े आ जाए. टैलेंट की कोई भाषा नहीं होती दोस्त, भाषा महज़ संचार का एक ज़रिया होती है. अगर आप अभी भी सोचते हैं कि अंग्रेज़ी न आना आपकी तरक्की रोक सकती है, तो इन लोगों से मिल लीजिए. इन्होंने ये साबित कर दिया कि भाषा से नहीं, इंसान टैलेंट और मेहनत से आगे बढ़ता है. 1. कपिल शर्मा अमृतसर के रहने वाले कपिल शर्मा को आज लगभग हर भारतीय जानता है. कपिल पिछले कई सालों से कई कॉमेडी शो करते आए हैं और अब खुद का शो चला रहे हैं. इनका अपना प्रोडक्शन हाउस है और एक फिल्म भी कर चुके हैं. कपिल की अंग्रेज़ी कमज़ोर है, जिसको उन्होंने अपनी ताकत बना लिया. कपिल अपनी खराब अंग्रेज़ी से भी लोगों को हंसाते हैं. 2. दिलजीत दोसांझ दिलजीत के गानों का बोलबाला पंजाब के साथ पूरे देश में है. हाल ही में फिल्म 'उड़ता पंजाब' के साथ दिलजीत ने ​फिल्मी डेब्यू भी कर लिया. दिलजीत की अंग्रेज़ी भाषा में पकड़ अच्छी नहीं है. वो लोगों से पंजाबी में ही बात करना पसंद करते हैं और उन्हें उस पर फक्र है. दिलजीत ने एक इंटरव्यू में ये बात कही है कि 'जब कोई मुझसे अंग्रेज़ी में बात करता है तो मैं नर्वस हो जाता हूं, पर इसका मेरी तरक्की से कोई लेना-देना नहीं है'. 3. नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी गैंग्स आॅफ वासेपुर रिलीज़ होने के पहले अगर आप और मैं नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी को देखते, तो शायद ये कभी न कह पाते कि आगे चल कर इसकी एक्टिंग की तूती बोलेगी. नवाज़ुद्दीन ने अपने अभिनय से ये साबित कर दिया कि मुख्य किरदार में रहने के लिए ज़रूरी नहीं है कि आपकी लम्बाई 6 फीट हो, आपका चेहरा हीरो जैसा हो या आप अंग्रेज़ी बोल सकें. नवाज़ ने बताया कि मैं इंग्लिश बिलकुल नहीं बोलता. बतौर अभिनेता मेरा काम अपने किरदार को अच्छे से निभाना है. अगर मुझे अंग्रेज़ी के डायलॉग मिलते भी हैं तो मैं उसे याद कर लेता हूं और बोल देता हूं. 4. कपिल देव भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान कपिल देव का हाथ भी अंग्रेज़ी में तंग है. वैसे अंग्रेज़ी का क्रिकेट से कोई लेना देना नहीं है, फिर ​भी कपिल कप्तान थे और उन्हें कई देशों में अंग्रेज़ी में इंटरव्यू देना होता था. कई बार उन्हें ये कमेंट भी सुनने को मिला कि भारतीय टीम के कप्तान को अंग्रेज़ी नहीं आती. इसके बाद कपिल ने अंग्रेज़ी सीखी और उसके बाद 'Rapidex English Speaking Course' के ब्रांड एम्बेसडर भी बने. 5. राखी सावंत राखी को आपने कई बार टीवी पर बोलते सुना होगा. हो सकता है राखी की टूटी-फूटी अंग्रेज़ी पर आप हंसे भी हों. भले ही राखी अपने ऊटपटांग डायलॉगबाज़ी के ​लिए जानी जाती हों, लेकिन उन्होंने तरक्की अपने डांस की वजह से ही पाई है. 6. नरेन्द्र मोदी हमारे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी हिन्दी भाषी हैं. मोदी जी ने हिन्दी और गुजराती में पढ़ाई की है. इस औहदे पर बैठने के बाद भी उन्हें अंग्रेज़ी न आने का अफ़सोस नहीं हुआ. मोदी अपने अधिकतर भाषण हिन्दी में ही देते हैं. कई बार अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों में भी उन्होंने अपने भाषण फक्र के साथ हिन्दी में ही दिए हैं. 7. कंगना रणावत बॉलीवुड की कुछ बेहतरीन अभिनेत्रियों में से एक, कंगना ने अपनी एक्टिंग का लोहा मनवाया है. कंगना ने खुद बताया कि जब वो इंडस्ट्री में आई थीं वो ठीक से इग्लिश भी नहीं बोल पाती थीं. कई बार लोगों ने उनके अंग्रेज़ी बोलने के तरीके का मज़ाक बनाया, पर वो इस बात से निराश नहीं हुईं. 'Tanu Weds Manu' की कानपुर की लड़की हो या 'Queen', दोनों फिल्मों में जनता ने कंगना के अभिनय पर तालियां बजाई हैं. कंगना ने अपनी अंग्रेज़ी सुधारी है पर उन्हें सफलता उनकी प्रतिभा की वजह से मिली है. 8. हरभजन सिंह हरभजन सिंह ने अपने एक इंटरव्यू में बताया कि जब उन्हें मैच के लिए पहली बार इंग्लैंड जाना था तब वो ये सोच कर घबरा गए थे कि वे लोगों से कैसे बात करेंगे, क्योंकि उन्हें बिलकुल अंग्रेज़ी नहीं आती. उसके बाद उन्होंने भाषा पर ध्यान देना छोड़ दिया और अपने खेल पर फोकस करना शुरू कर दिया. 9. ज़ाकिर खान LifeCelebs Oct 05, 2016 at 19:05 इन 9 लोगों ने साबित कर दिया कि सफलता अंग्रेज़ी की नहीं, आपकी प्रतिभा की मोहताज़ है by Pratyush एक छोटे शहर में रह कर, सामान्य स्कूल से पढ़ने के बाद जब आगे की पढ़ाई या नौकरी के लिए किसी बड़े शहर पहुंचते हैं, तो दो चुनौतियां सामने आती हैं. एक उस शहर का लाइफ स्टाइल और दूसरी अंग्रेज़ी. पिछले कई सालों में लोगों में ये धारणा बनी हुई है कि अंग्रेज़ी मतलब तरक्की, कॉन्फिडेंस या टैलेंट. अंग्रेज़ी नहीं आती तो मतलब ना आपके पास कॉन्फिडेंस है, न ही आप टैलेंन्टेड हैं. मगर रुकिए: ये बताइए कि क्या बल्ले पर आने वाली बॉल आपकी इंग्लिश सुन कर बाउंड्री पार जाती है? या पेंटिंग करते वक्त रंग आपकी अंग्रेज़ी सुन कर कैनवस पर चढ़ते हैं? नहीं न! ये अंग्रेज़ी की प्रॉब्लम नहीं है, आपकी सोच की प्रॉब्लम है. विश्वास मानिए कोई भाषा आपकी हिम्मत से बड़ी नहीं होती, जो आपकी तरक्की के आड़े आ जाए. टैलेंट की कोई भाषा नहीं होती दोस्त, भाषा महज़ संचार का एक ज़रिया होती है. अगर आप अभी भी सोचते हैं कि अंग्रेज़ी न आना आपकी तरक्की रोक सकती है, तो इन लोगों से मिल लीजिए. इन्होंने ये साबित कर दिया कि भाषा से नहीं, इंसान टैलेंट और मेहनत से आगे बढ़ता है. 1. कपिल शर्मा Source- Firstpost अमृतसर के रहने वाले कपिल शर्मा को आज लगभग हर भारतीय जानता है. कपिल पिछले कई सालों से कई कॉमेडी शो करते आए हैं और अब खुद का शो चला रहे हैं. इनका अपना प्रोडक्शन हाउस है और एक फिल्म भी कर चुके हैं. कपिल की अंग्रेज़ी कमज़ोर है, जिसको उन्होंने अपनी ताकत बना लिया. कपिल अपनी खराब अंग्रेज़ी से भी लोगों को हंसाते हैं. 2. दिलजीत दोसांझ Source- Miss Malini दिलजीत के गानों का बोलबाला पंजाब के साथ पूरे देश में है. हाल ही में फिल्म 'उड़ता पंजाब' के साथ दिलजीत ने ​फिल्मी डेब्यू भी कर लिया. दिलजीत की अंग्रेज़ी भाषा में पकड़ अच्छी नहीं है. वो लोगों से पंजाबी में ही बात करना पसंद करते हैं और उन्हें उस पर फक्र है. दिलजीत ने एक इंटरव्यू में ये बात कही है कि 'जब कोई मुझसे अंग्रेज़ी में बात करता है तो मैं नर्वस हो जाता हूं, पर इसका मेरी तरक्की से कोई लेना-देना नहीं है'. 3. नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी Source- Hindustan Times गैंग्स आॅफ वासेपुर रिलीज़ होने के पहले अगर आप और मैं नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी को देखते, तो शायद ये कभी न कह पाते कि आगे चल कर इसकी एक्टिंग की तूती बोलेगी. नवाज़ुद्दीन ने अपने अभिनय से ये साबित कर दिया कि मुख्य किरदार में रहने के लिए ज़रूरी नहीं है कि आपकी लम्बाई 6 फीट हो, आपका चेहरा हीरो जैसा हो या आप अंग्रेज़ी बोल सकें. नवाज़ ने बताया कि मैं इंग्लिश बिलकुल नहीं बोलता. बतौर अभिनेता मेरा काम अपने किरदार को अच्छे से निभाना है. अगर मुझे अंग्रेज़ी के डायलॉग मिलते भी हैं तो मैं उसे याद कर लेता हूं और बोल देता हूं. 4. कपिल देव Source- Indiatoday भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान कपिल देव का हाथ भी अंग्रेज़ी में तंग है. वैसे अंग्रेज़ी का क्रिकेट से कोई लेना देना नहीं है, फिर ​भी कपिल कप्तान थे और उन्हें कई देशों में अंग्रेज़ी में इंटरव्यू देना होता था. कई बार उन्हें ये कमेंट भी सुनने को मिला कि भारतीय टीम के कप्तान को अंग्रेज़ी नहीं आती. इसके बाद कपिल ने अंग्रेज़ी सीखी और उसके बाद 'Rapidex English Speaking Course' के ब्रांड एम्बेसडर भी बने. 5. राखी सावंत Source- Indianexpress राखी को आपने कई बार टीवी पर बोलते सुना होगा. हो सकता है राखी की टूटी-फूटी अंग्रेज़ी पर आप हंसे भी हों. भले ही राखी अपने ऊटपटांग डायलॉगबाज़ी के ​लिए जानी जाती हों, लेकिन उन्होंने तरक्की अपने डांस की वजह से ही पाई है. 6. नरेन्द्र मोदी Source- Ibnlive हमारे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी हिन्दी भाषी हैं. मोदी जी ने हिन्दी और गुजराती में पढ़ाई की है. इस औहदे पर बैठने के बाद भी उन्हें अंग्रेज़ी न आने का अफ़सोस नहीं हुआ. मोदी अपने अधिकतर भाषण हिन्दी में ही देते हैं. कई बार अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों में भी उन्होंने अपने भाषण फक्र के साथ हिन्दी में ही दिए हैं. 7. कंगना रणावत Source- Midday बॉलीवुड की कुछ बेहतरीन अभिनेत्रियों में से एक, कंगना ने अपनी एक्टिंग का लोहा मनवाया है. कंगना ने खुद बताया कि जब वो इंडस्ट्री में आई थीं वो ठीक से इग्लिश भी नहीं बोल पाती थीं. कई बार लोगों ने उनके अंग्रेज़ी बोलने के तरीके का मज़ाक बनाया, पर वो इस बात से निराश नहीं हुईं. 'Tanu Weds Manu' की कानपुर की लड़की हो या 'Queen', दोनों फिल्मों में जनता ने कंगना के अभिनय पर तालियां बजाई हैं. कंगना ने अपनी अंग्रेज़ी सुधारी है पर उन्हें सफलता उनकी प्रतिभा की वजह से मिली है. 8. हरभजन सिंह Source- Wikimedia हरभजन सिंह ने अपने एक इंटरव्यू में बताया कि जब उन्हें मैच के लिए पहली बार इंग्लैंड जाना था तब वो ये सोच कर घबरा गए थे कि वे लोगों से कैसे बात करेंगे, क्योंकि उन्हें बिलकुल अंग्रेज़ी नहीं आती. उसके बाद उन्होंने भाषा पर ध्यान देना छोड़ दिया और अपने खेल पर फोकस करना शुरू कर दिया. 9. ज़ाकिर खान Source- Wikimedia पिछले कई सालों से इंटरनेट पर या यूं कहें कि Youtube पर Stand Up Comedy के नाम पर कई कॉमेडियन अंग्रेज़ी में ही लोगों को हंसाते दिखते आए हैं. चाहे वो AIB Roast हो, Laughing Canvas Club हो या East India Comedy के स्टेज शोज़, ज़्यादातर कॉमेडियन इंग्लिश में ही शो करते हैं. इन सब के बीच एक नया चेहरा Youtube की Suggested Videos में दिख रहा है. ये कॉमेडियन है ज़ाकिर खान. ज़ाकिर हिन्दी में ही शो करते हैं, AIB Diwas पर इनका शो सुपरहिट रहा. ग़ज़बPost से बातचीत में ज़ाकिर ने बताया कि- हर चीज़ का वक्त आता है. Youtube पर अंग्रेज़ी कॉमेडियन को देख कर अगर मैं भी इं​ग्लिश में शो करने की कोशिश करता तो शायद इतना सफल न होता. मैंने हिन्दी का साथ नहीं छोड़ा और देखिए लोगों ने इसे भी स्वीकारा है. लोग आपकी सोच देखते हैं, भाषा नहीं! Got It Bro!

शुक्रवार, 6 मई 2016

आप ही देख लो ना

आज़ मै लेकर आया हूँ मयंक के खजाने से किशनपूर के सूर्यास्त का मनोरम दृष्य देखो और शेयर करे 

शुक्रवार, 29 अप्रैल 2016

बिहार के विरासत - 1 :: मुज्जफरपुर के लिची

आज हम आप के रुबरू करा रहे है मुज्जफरपुर के वर्ल्ड फेमस लिची से |

जी हा ये वही फल है जिसे देख कर अच्छे - अच्छो के मुह मे पानी आ जाता है मुज्जफरपुर के शाही लिची |

मुज्जफरपुर कि लिचीयो का लिची की दुनिया मे एक अलग हाइ जगह है मुज्जफर पुर के लिची और हाजीपुर के केले का फलो मे एक अलग ही जगह है अपने आप मे ये बिहार की विरासत है

जिसे देखकर किसी के भी मुह मे पानी आ जाता है | और बिहार मे कुछ नही ऐसा बोलने वालो का मुह बंद हो जाता है |

ये था बिहार की विरासत का पहला करी आपके लिये हम आगे भी लिखते रहेंगे बस आप शेयर और कमेंट करते रहे |

अगली करी मे पढीये हाजीपुर के केले के बारे मे बस तब तक जुरे रहिये हमारे साथ और लाइक करे हमारा फेसबुक पेज

फेसबुक - किशनपुर बैकुन्ठ्

शुक्रवार, 8 अप्रैल 2016

मन की बात | अमन आकाश

थोरा सा शमय निकाल कर इसको परिए..😃 हाँ ठीक है हम बिहारी हैं.. बचपने से अइसे इस्कूल में पढ़े हैं, जहाँ बदमाशी करने पर माट साब "ठोठरी प...